राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC)
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) एक संवैधानिक संस्था है, जो राज्य की प्रशासनिक व अन्य सेवाओं में योग्यता के आधार पर भर्ती के लिए परीक्षाएं आयोजित करती है। इसकी स्थापना 22 दिसंबर 1949 को हुई और इसका मुख्यालय अजमेर में है। RAS सहित अनेक प्रतियोगी परीक्षाएं यही आयोग कराता है।
📑 विषय सूची 7 टॉपिक
स्थापना व इतिहास
- एकीकरण से पहले केवल जयपुर, जोधपुर व बीकानेर रियासतों में लोक सेवा आयोग थे।
- राजस्थान लोक सेवा आयोग की स्थापना 22 दिसंबर 1949 को अध्यादेश द्वारा जयपुर में हुई।
- प्रथम अध्यक्ष — एस.के. घोष (न्यायमूर्ति)।
- 1958 में आयोग का मुख्यालय अजमेर स्थानांतरित किया गया।
- 26 जनवरी 1950 से यह संविधान के अनुच्छेद 315 के अंतर्गत संवैधानिक आयोग बना।
संवैधानिक प्रावधान
| अनुच्छेद | प्रावधान |
|---|---|
| 315 | संघ व राज्यों के लिए लोक सेवा आयोग |
| 316 | अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति — राज्यपाल; कार्यकाल 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु |
| 317 | हटाना — राष्ट्रपति द्वारा (कदाचार पर सर्वोच्च न्यायालय की जांच के बाद); राज्यपाल जांच के दौरान निलंबित कर सकता है |
| 318 | सदस्यों की संख्या व सेवा शर्तें — राज्यपाल तय करता है |
| 319 | कार्यकाल के बाद पुनर्नियुक्ति पर प्रतिबंध — अध्यक्ष केवल UPSC या अन्य राज्य आयोग का अध्यक्ष/सदस्य बन सकता है |
| 320 | आयोग के कार्य |
| 322 | व्यय राज्य की संचित निधि पर भारित |
| 323 | वार्षिक प्रतिवेदन राज्यपाल को; राज्यपाल इसे विधानमंडल में रखवाता है |
📝 RPSC के सदस्यों को नियुक्त राज्यपाल करता है, पर हटा केवल राष्ट्रपति सकता है। त्यागपत्र राज्यपाल को दिया जाता है। आयोग में कम से कम आधे सदस्य ऐसे होने चाहिए जिन्होंने कम से कम 10 वर्ष सरकारी सेवा की हो।
गठन
- आयोग में एक अध्यक्ष व राज्य सरकार द्वारा निर्धारित संख्या में सदस्य होते हैं; वर्तमान में अध्यक्ष सहित कुल 8 पद (1 अध्यक्ष + 7 सदस्य) हैं।
- प्रशासनिक कार्य हेतु सचिव व परीक्षा संचालन हेतु परीक्षा नियंत्रक होते हैं।
- अध्यक्ष का पद रिक्त होने पर राज्यपाल किसी सदस्य को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त करता है।
आयोग के कार्य (अनुच्छेद 320)
📝 भर्ती परीक्षाएं
RAS/RTS, विद्यालय व कॉलेज व्याख्याता, सहायक अभियंता आदि राज्य सेवाओं की परीक्षाएं व साक्षात्कार।
📋 भर्ती नियम
भर्ती की पद्धति व नियमों पर सरकार को सलाह।
⬆️ पदोन्नति
पदोन्नति व स्थानांतरण के सिद्धांतों पर सलाह।
⚖️ अनुशासन
सरकारी कर्मचारियों से संबंधित अनुशासनात्मक मामलों पर सलाह।
📝 आयोग सलाहकारी संस्था है — उसकी सलाह मानना सरकार के लिए बाध्यकारी नहीं; न मानने पर कारण सहित विधानमंडल को सूचित करना होता है।
वर्तमान स्थिति व संबंधित संस्थाएं
- अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू (पूर्व DGP) 19 जून 2026 को सेवानिवृत्त हुए; इसके बाद वरिष्ठतम सदस्य ले. कर्नल (से.नि.) केसरी सिंह राठौड़ को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया।
- राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) — जयपुर; अधीनस्थ व मंत्रालयिक सेवाओं (पटवारी, VDO, कनिष्ठ सहायक आदि) की भर्ती करता है।
- परीक्षाओं में अनुचित साधनों पर रोक हेतु राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 लागू है।
⚠️ वर्तमान पदधारी समय के साथ बदल सकते हैं — परीक्षा से पहले नवीनतम जानकारी अवश्य जांच लें।
⚠️ परीक्षा में भ्रम वाले तथ्य: (1) स्थापना — 22 दिसंबर 1949 (जयपुर); अजमेर — 1958 से। (2) नियुक्ति — राज्यपाल; हटाना — राष्ट्रपति। (3) कार्यकाल — 6 वर्ष या 62 वर्ष।
वन-लाइनर तथ्य (Quick Revision)
- RPSC की स्थापना — 22 दिसंबर 1949, जयपुर।
- मुख्यालय अजमेर — 1958 से।
- प्रथम अध्यक्ष — एस.के. घोष।
- संबंधित अनुच्छेद — 315-323।
- नियुक्ति — राज्यपाल; हटाना — राष्ट्रपति।
- कार्यकाल — 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु (जो पहले हो)।
- वार्षिक प्रतिवेदन — राज्यपाल को (अनु. 323)।
- व्यय — राज्य की संचित निधि पर भारित।
- पद — 1 अध्यक्ष + 7 सदस्य।
- कार्यवाहक अध्यक्ष (2026) — केसरी सिंह राठौड़।
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
विकल्प चुनें — सही उत्तर तुरंत दिखेगा।
1 राजस्थान लोक सेवा आयोग की स्थापना कब हुई?
2 RPSC का मुख्यालय कहां है?
3 RPSC का मुख्यालय अजमेर कब स्थानांतरित हुआ?
4 RPSC के प्रथम अध्यक्ष कौन थे?
5 राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्यों की नियुक्ति कौन करता है?
6 राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्यों को कौन हटा सकता है?
7 RPSC सदस्य का कार्यकाल कितना होता है?
8 RPSC अपना वार्षिक प्रतिवेदन किसे सौंपता है?
9 लोक सेवा आयोग के कार्यों का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?
10 पटवारी व VDO जैसी भर्तियां कौन-सी संस्था कराती है?