राजस्थान की नदियां (अपवाह तंत्र)
राजस्थान का अपवाह तंत्र अरावली पर्वतमाला से निर्धारित होता है। अरावली राज्य की मुख्य जल विभाजक रेखा है — इसके पूर्व की नदियां बंगाल की खाड़ी में, पश्चिम की नदियां अरब सागर में जाती हैं, जबकि मरुस्थल की अनेक नदियां रेत में विलीन हो जाती हैं (आंतरिक प्रवाह)। चंबल राज्य की एकमात्र बारहमासी नदी है।
📑 विषय सूची 12 टॉपिक
अपवाह तंत्र का वर्गीकरण
| अपवाह तंत्र | क्षेत्र (%) | प्रमुख नदियां |
|---|---|---|
| बंगाल की खाड़ी | 22.4 | चंबल, बनास, बाणगंगा, कालीसिंध, पार्वती, बेड़च, कोठारी, खारी, मेज |
| अरब सागर | 17.4 | लूणी, माही, साबरमती, पश्चिमी बनास, सोम, जाखम |
| आंतरिक प्रवाह | 60.2 | घग्घर, कांतली, काकनी (मसूरदी), साबी, रूपारेल, मेंथा, रूपनगढ़ |
बंगाल की खाड़ी की नदियां
चंबल नदी
प्राचीन नाम — चर्मण्वती · कामधेनु · एकमात्र बारहमासी नदी
- राजस्थान-मध्यप्रदेश के बीच लगभग 241-252 किमी की अंतरराज्यीय सीमा बनाती है।
- बहाव क्षेत्र के जिले — चित्तौड़गढ़, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर।
- चूलिया जलप्रपात (भैंसरोड़गढ़, चित्तौड़गढ़) — राज्य का सबसे ऊंचा जलप्रपात (लगभग 18 मी)।
- बांध — गांधी सागर (मध्यप्रदेश), राणा प्रताप सागर (रावतभाटा), जवाहर सागर (बोराबास, कोटा), कोटा बैराज।
- सर्वाधिक अवनालिका अपरदन (बीहड़) करने वाली नदी; घड़ियाल अभयारण्य इसी पर।
- प्रमुख सहायक नदियां — बनास, कालीसिंध, पार्वती, बामनी, मेज।
बनास नदी
वन की आशा · पूर्णतः राजस्थान में बहने वाली सबसे लंबी नदी
- बहाव — राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, अजमेर, टोंक, सवाई माधोपुर।
- बांध — बीसलपुर (टोंक; जयपुर-अजमेर-टोंक को पेयजल), ईसरदा (सवाई माधोपुर-टोंक सीमा)।
- सहायक नदियां — बेड़च, कोठारी, खारी, मेनाल, डाई, मानसी, मोरेल, ढील।
त्रिवेणी संगम
| संगम स्थल | नदियां | जिला |
|---|---|---|
| बीगोद | बनास, बेड़च, मेनाल | भीलवाड़ा |
| राजमहल | बनास, खारी, डाई | टोंक |
| रामेश्वर | चंबल, बनास, सीप | सवाई माधोपुर |
| बेणेश्वर | सोम, माही, जाखम | डूंगरपुर |
अन्य नदियां (बंगाल की खाड़ी तंत्र)
🏞️ बेड़च (आयड़)
उद्गम गोगुंदा (उदयपुर); उदयपुर में "आयड़" कहलाती है — आहड़ सभ्यता इसी के किनारे।
🌿 कालीसिंध
उद्गम बागली (देवास, मप्र); झालावाड़-कोटा; नौनेरा (कोटा) में चंबल से संगम।
💧 पार्वती
मध्यप्रदेश से बारां में प्रवेश; पाली (सवाई माधोपुर) के पास चंबल में।
🏹 बाणगंगा
उद्गम बैराठ (जयपुर); "अर्जुन की गंगा"; भरतपुर से आगे यमुना में।
🌊 मेज
भीलवाड़ा से निकलकर बूंदी होते हुए चंबल में; सहायक नदियां बाजन, कुराल, मांगली।
🪨 कोठारी
उद्गम दिवेर (राजसमंद); मेजा बांध (भीलवाड़ा) इसी पर।
अरब सागर की नदियां
लूणी नदी
मरुस्थल की गंगा · आधी खारी-आधी मीठी · संस्कृत नाम "लवणवती"
- उद्गम स्थल पर इसे "सागरमती" कहते हैं; गोविंदगढ़ (अजमेर) के पास सरस्वती से मिलकर लूणी कहलाती है।
- बहाव — अजमेर, ब्यावर, नागौर, पाली, जोधपुर, बालोतरा, बाड़मेर, जालोर।
- दाईं ओर से मिलने वाली एकमात्र सहायक नदी — जोजड़ी; शेष (लीलड़ी, सूकड़ी, मीठड़ी, बांडी, जवाई, सागी) बाईं ओर से।
- जसवंत सागर बांध (पिचियाक, जोधपुर) लूणी पर; जवाई बांध (सुमेरपुर, पाली) सहायक नदी जवाई पर — "मारवाड़ का अमृत सरोवर"।
माही नदी
वागड़ की गंगा · कांठल की गंगा · आदिवासियों की गंगा
- कर्क रेखा को दो बार काटने वाली भारत की एकमात्र नदी।
- बहाव — बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, डूंगरपुर; दक्षिण से प्रवेश कर दक्षिण में ही बाहर निकलती है (उल्टे "U" आकार में)।
- बांध — माही बजाज सागर (बोरखेड़ा, बांसवाड़ा); गुजरात में कडाना बांध।
- सहायक नदियां — सोम, जाखम, अनास, चाप, मोरेन, इरू।
🏞️ साबरमती
उद्गम पदराड़ा (उदयपुर); गुजरात में अहमदाबाद होते हुए खंभात की खाड़ी में।
💧 पश्चिमी बनास
उद्गम नया सानवारा (सिरोही); आबू पर्वत के पास; कच्छ के रण में।
🌿 सोम
उद्गम बिछामेड़ा (उदयपुर); बेणेश्वर में माही से संगम।
🌊 जाखम
उद्गम छोटी सादड़ी (प्रतापगढ़); जाखम बांध प्रतापगढ़ में।
आंतरिक प्रवाह की नदियां
| नदी | उद्गम / क्षेत्र | विशेषता |
|---|---|---|
| घग्घर | कालका (शिवालिक, हिमाचल) | "मृत नदी"; प्राचीन सरस्वती/दृषद्वती से संबद्ध; हनुमानगढ़ में प्रवेश; पाट को "नाली" कहते हैं; कालीबंगा सभ्यता इसके किनारे; आंतरिक प्रवाह की सबसे लंबी नदी |
| कांतली | खंडेला (सीकर) | शेखावाटी में बहती है; झुंझुनूं में समाप्त; गणेश्वर सभ्यता इसके किनारे |
| काकनी (मसूरदी) | कोटड़ी गांव (जैसलमेर) | "बुझ झील" बनाती है; आंतरिक प्रवाह की सबसे छोटी नदी |
| साबी | सेवर की पहाड़ियां (जयपुर) | अलवर-कोटपूतली होते हुए हरियाणा (गुड़गांव) में विलीन |
| रूपारेल (वराह) | उदयनाथ पहाड़ी (थानागाजी, अलवर) | भरतपुर में समाप्त |
| मेंथा व रूपनगढ़ | जयपुर / अजमेर | दोनों सांभर झील में गिरती हैं |
नदियों के उपनाम व प्राचीन नाम
| नदी | उपनाम / प्राचीन नाम |
|---|---|
| चंबल | चर्मण्वती, कामधेनु, राजस्थान की एकमात्र बारहमासी नदी |
| बनास | वन की आशा, वर्णाशा, वशिष्ठी |
| माही | वागड़ की गंगा, कांठल की गंगा, आदिवासियों की गंगा, दक्षिणी राजस्थान की स्वर्ण रेखा |
| लूणी | लवणवती, सागरमती (उद्गम पर), मरुस्थल की गंगा, आधी खारी-आधी मीठी |
| बाणगंगा | अर्जुन की गंगा, ताला नदी, रुंडित नदी |
| घग्घर | मृत नदी, प्राचीन सरस्वती से संबद्ध |
| बेड़च | आयड़ (उदयपुर में ऊपरी भाग) |
नदियों से जुड़े विशेष तथ्य
🚫 नदी विहीन जिले
बीकानेर व चूरू में कोई प्रमुख नदी नहीं बहती।
🏛️ सभ्यताएं
कालीबंगा — घग्घर; आहड़ — आयड़ (बेड़च); गणेश्वर — कांतली; बैराठ — बाणगंगा।
🐊 घड़ियाल
राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य — राजस्थान, मप्र व उप्र में चंबल नदी पर।
⚡ परमाणु ऊर्जा
रावतभाटा (चित्तौड़गढ़) परमाणु बिजलीघर — चंबल के जल से शीतलन।
⚠️ परीक्षा में भ्रम वाले तथ्य: (1) एकमात्र बारहमासी नदी — चंबल; पूर्णतः राज्य में सबसे लंबी — बनास। (2) कर्क रेखा को दो बार काटती है — माही; लूणी का उद्गम — नाग पहाड़। (3) बेणेश्वर — सोम-माही-जाखम; बीगोद — बनास-बेड़च-मेनाल।
वन-लाइनर तथ्य (Quick Revision)
- मुख्य जल विभाजक — अरावली; आंतरिक प्रवाह क्षेत्र — 60.2%।
- एकमात्र बारहमासी नदी — चंबल; सबसे ऊंचा जलप्रपात — चूलिया।
- चंबल का उद्गम — जानापाव (महू, मप्र); प्रवेश — चौरासीगढ़।
- पूर्णतः राजस्थान में बहने वाली सबसे लंबी नदी — बनास (512 किमी)।
- कर्क रेखा को दो बार काटने वाली नदी — माही; प्रवेश — खांदू (बांसवाड़ा)।
- लूणी का उद्गम — नाग पहाड़ (अजमेर); दाईं सहायक — जोजड़ी।
- बेणेश्वर त्रिवेणी — सोम, माही, जाखम (डूंगरपुर)।
- बीगोद त्रिवेणी — बनास, बेड़च, मेनाल (भीलवाड़ा)।
- आंतरिक प्रवाह की सबसे लंबी नदी — घग्घर; सबसे छोटी — काकनी (बुझ झील)।
- सांभर झील में गिरने वाली नदियां — मेंथा व रूपनगढ़।
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
विकल्प चुनें — सही उत्तर तुरंत दिखेगा।
1 राजस्थान की एकमात्र बारहमासी नदी कौन-सी है?
2 चूलिया जलप्रपात किस नदी पर है?
3 पूर्णतः राजस्थान में बहने वाली सबसे लंबी नदी कौन-सी है?
4 कर्क रेखा को दो बार काटने वाली नदी कौन-सी है?
5 लूणी नदी का उद्गम कहां से होता है?
6 लूणी की दाईं ओर से मिलने वाली एकमात्र सहायक नदी कौन-सी है?
7 बेणेश्वर में किन नदियों का संगम होता है?
8 "बुझ झील" किस नदी द्वारा बनाई जाती है?
9 "अर्जुन की गंगा" किस नदी को कहा जाता है?
10 गणेश्वर सभ्यता किस नदी के किनारे विकसित हुई?