राजस्थान के जिले एवं संभाग (41 जिले, 7 संभाग)
वर्तमान में राजस्थान में 41 जिले और 7 संभाग हैं। अगस्त 2023 में राज्य में 50 जिले व 10 संभाग बने थे, परंतु 28 दिसंबर 2024 को राज्य मंत्रिमंडल ने 9 नए जिले व 3 नए संभाग निरस्त कर दिए। इस पेज पर सभी तथ्य 41 जिलों की वर्तमान व्यवस्था के अनुसार हैं।
📑 विषय सूची 9 टॉपिक
संभागवार जिलों की सूची
| संभाग | जिलों की संख्या | जिले |
|---|---|---|
| जोधपुर | 8 (सर्वाधिक) | जोधपुर, फलोदी, बाड़मेर, बालोतरा, जैसलमेर, जालोर, पाली, सिरोही |
| जयपुर | 7 | जयपुर, दौसा, सीकर, झुंझुनूं, अलवर, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा |
| उदयपुर | 7 | उदयपुर, सलूंबर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा |
| अजमेर | 6 | अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, नागौर, डीडवाना-कुचामन, टोंक |
| भरतपुर | 5 | भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर |
| बीकानेर | 4 | बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू |
| कोटा | 4 | कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ |
🧠 ट्रिक: 8 + 7 + 7 + 6 + 5 + 4 + 4 = 41। सर्वाधिक जिले — जोधपुर संभाग (8); सबसे कम — बीकानेर व कोटा (4-4)। मोटे अक्षरों वाले जिले 2023 में बने नए जिले हैं।
2023 के नए जिले जो यथावत हैं (8)
| नया जिला | मूल जिला (किससे बना) | संभाग |
|---|---|---|
| बालोतरा | बाड़मेर | जोधपुर |
| फलोदी | जोधपुर | जोधपुर |
| ब्यावर | अजमेर (तथा पाली व भीलवाड़ा के कुछ भाग) | अजमेर |
| डीडवाना-कुचामन | नागौर | अजमेर |
| कोटपूतली-बहरोड़ | जयपुर व अलवर | जयपुर |
| खैरथल-तिजारा | अलवर | जयपुर |
| डीग | भरतपुर | भरतपुर |
| सलूंबर | उदयपुर | उदयपुर |
28 दिसंबर 2024 — निरस्त जिले व संभाग
9 जिले व 3 संभाग निरस्त
राज्य मंत्रिमंडल का निर्णय · 28 दिसंबर 2024
- निरस्त जिलों के क्षेत्र पुनः अपने मूल जिलों में मिला दिए गए — जैसे दूदू, जयपुर ग्रामीण → जयपुर; केकड़ी → अजमेर; शाहपुरा → भीलवाड़ा; नीमकाथाना → सीकर; गंगापुर सिटी → सवाई माधोपुर; जोधपुर ग्रामीण → जोधपुर; अनूपगढ़ → श्रीगंगानगर; सांचौर → जालोर।
- निरस्त संभागों के जिले — पाली संभाग (पाली, सिरोही, जालोर) → जोधपुर संभाग; सीकर संभाग (सीकर, झुंझुनूं) → जयपुर संभाग; बांसवाड़ा संभाग (बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़) → उदयपुर संभाग।
जिलों के गठन का इतिहास
| वर्ष | घटना | कुल जिले |
|---|---|---|
| 1 नवंबर 1956 | अजमेर-मेरवाड़ा का राजस्थान में विलय — अजमेर 26वां जिला | 26 |
| 15 अप्रैल 1982 | धौलपुर (भरतपुर से) — 27वां जिला | 27 |
| 10 अप्रैल 1991 | दौसा (जयपुर से), बारां (कोटा से), राजसमंद (उदयपुर से) | 30 |
| 12 जुलाई 1994 | हनुमानगढ़ (श्रीगंगानगर से) — 31वां | 31 |
| 19 जुलाई 1997 | करौली (सवाई माधोपुर से) — 32वां | 32 |
| 26 जनवरी 2008 | प्रतापगढ़ (चित्तौड़गढ़, उदयपुर, बांसवाड़ा के भागों से) — 33वां | 33 |
| 7 अगस्त 2023 | 17 नए जिले अधिसूचित (जयपुर व जोधपुर दो-दो भागों में) — 3 नए संभाग | 50 |
| 28 दिसंबर 2024 | 9 जिले व 3 संभाग निरस्त | 41 |
📝 नोट: 2023 में "जयपुर" को जयपुर व जयपुर ग्रामीण तथा "जोधपुर" को जोधपुर व जोधपुर ग्रामीण में बांटा गया था, इसलिए 33 + 17 = 50 जिले हुए (मूल नाम वाले जिले भी बने रहे)। 2024 में जयपुर ग्रामीण व जोधपुर ग्रामीण निरस्त होकर पुनः मूल जिलों में मिल गए।
संभाग व्यवस्था का इतिहास
- राजस्थान के एकीकरण के बाद 1949 में राज्य को 5 संभागों (जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, कोटा, उदयपुर) में बांटा गया; 1956 में अजमेर संभाग जुड़ा।
- अप्रैल 1962 में मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया के समय संभाग व्यवस्था समाप्त कर दी गई।
- 26 जनवरी 1987 को मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी ने 6 संभाग पुनः स्थापित किए — जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, बीकानेर, कोटा।
- 4 जून 2005 को भरतपुर 7वां संभाग बना (मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे)।
- 2023 में बांसवाड़ा, पाली, सीकर को मिलाकर 10 संभाग हुए; दिसंबर 2024 में ये तीनों निरस्त — पुनः 7 संभाग।
- संभाग का प्रमुख अधिकारी संभागीय आयुक्त तथा जिले का प्रमुख जिला कलेक्टर होता है।
जिलों से जुड़े विशेष तथ्य
📏 सबसे बड़ा जिला
जैसलमेर (38,401 वर्ग किमी) — क्षेत्रफल में; सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा भी।
👥 सर्वाधिक जनसंख्या
जयपुर जिला (जनगणना 2011 के अनुसार)।
🇵🇰 सीमावर्ती जिले
श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर — पाकिस्तान सीमा।
🆕 नवीनतम संभाग
भरतपुर (2005) — वर्तमान 7 संभागों में सबसे नया।
🏛️ राजधानी
जयपुर — राजधानी व सबसे अधिक आबादी वाला नगर।
⚖️ उच्च न्यायालय
मुख्य पीठ जोधपुर; खंडपीठ जयपुर।
⚠️ परीक्षा में भ्रम वाले तथ्य: (1) 2024 में निरस्त संभाग — बांसवाड़ा, पाली, सीकर। (2) सर्वाधिक जिले वाला संभाग — जोधपुर (8)। (3) 33वां जिला — प्रतापगढ़ (2008); 7वां संभाग — भरतपुर (2005)।
वन-लाइनर तथ्य (Quick Revision)
- वर्तमान जिले — 41; संभाग — 7।
- 9 जिले व 3 संभाग निरस्त — 28 दिसंबर 2024।
- निरस्त संभाग — बांसवाड़ा, पाली, सीकर।
- सर्वाधिक जिलों वाला संभाग — जोधपुर (8)।
- 26वां जिला — अजमेर (1956); 27वां — धौलपुर (1982)।
- 1991 के नए जिले — दौसा, बारां, राजसमंद।
- 31वां — हनुमानगढ़ (1994); 32वां — करौली (1997); 33वां — प्रतापगढ़ (2008)।
- संभाग समाप्त — 1962 (सुखाड़िया); पुनः स्थापित — 1987 (हरिदेव जोशी)।
- 7वां संभाग — भरतपुर (4 जून 2005)।
- सलूंबर जिला किससे बना — उदयपुर; बालोतरा — बाड़मेर से।
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
विकल्प चुनें — सही उत्तर तुरंत दिखेगा।
1 वर्तमान में राजस्थान में कितने जिले हैं?
2 राजस्थान में वर्तमान में कितने संभाग हैं?
3 दिसंबर 2024 में निम्न में से कौन-सा संभाग निरस्त नहीं हुआ?
4 सर्वाधिक जिलों वाला संभाग कौन-सा है?
5 सलूंबर जिला किस संभाग में है?
6 राजस्थान का 27वां जिला कौन-सा बना?
7 प्रतापगढ़ जिले का गठन कब हुआ?
8 1987 में संभाग व्यवस्था किस मुख्यमंत्री ने पुनः स्थापित की?
9 निम्न में से कौन-सा जिला दिसंबर 2024 में निरस्त किया गया?
10 डीडवाना-कुचामन जिला किस मूल जिले से बनाया गया?