राजस्थान की प्रमुख हवेलियां
राजस्थान का स्थापत्य केवल दुर्गों और महलों तक सीमित नहीं है। धनी सेठों, व्यापारियों और दीवानों ने बड़े आंगन वाली बहुमंजिला हवेलियां बनवाईं, जो अपनी बारीक पत्थर नक्काशी, झरोखों और भित्ति चित्रों के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। जैसलमेर, शेखावाटी और बीकानेर हवेली स्थापत्य के प्रमुख केंद्र हैं।
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हवेली स्थापत्य: परिचय
- हवेली बड़े आंगन (चौक) वाला बहुमंजिला आवासीय भवन है, जिसे प्रायः धनी सेठ-साहूकार और सामंत बनवाते थे।
- राजस्थानी हवेलियों में झरोखे, जालियां, तिबारे, मेहराबें, चौक और भित्ति चित्र प्रमुख विशेषताएं हैं।
- जैसलमेर की हवेलियां पीले पत्थर की बारीक नक्काशी के लिए, शेखावाटी की भित्ति चित्रों (फ्रेस्को) के लिए और बीकानेर की लाल पत्थर के लिए प्रसिद्ध हैं।
- हवेलियों के चित्रों में देवी-देवता, लोककथाएं, शिकार, रेलगाड़ी, मोटरकार और अंग्रेज़ी जीवन के दृश्य भी मिलते हैं।
जैसलमेर की हवेलियां
पटवों की हवेली
जैसलमेर · पांच हवेलियों का समूह
- सेठ गुमानचंद पटवा ने अपने पांच पुत्रों के लिए ये पांच हवेलियां बनवाईं, जिन्हें पूर्ण होने में लगभग 50 वर्ष लगे।
- पत्थर पर इतनी बारीक जालीदार नक्काशी है कि यह लकड़ी की कारीगरी जैसी प्रतीत होती है।
- यह जैसलमेर की सबसे बड़ी और सबसे प्रसिद्ध हवेली है।
सालिम सिंह की हवेली
जैसलमेर · जहाज महल · मोती महल
- जैसलमेर के दीवान (प्रधानमंत्री) सालिम सिंह ने बनवाई।
- ऊपरी मंजिल का आकार जहाज़ जैसा होने के कारण इसे "जहाज महल" कहते हैं। इसमें मोर के आकार की कोष्ठिकाएं (ब्रैकेट) बनी हैं।
- कहा जाता है कि दीवान ने महारावल के महल से ऊंची हवेली बनवाना चाहा था, इसलिए ऊपरी मंजिलें हटवा दी गईं।
नथमल की हवेली
जैसलमेर · दो भाइयों की कारीगरी
- जैसलमेर के दीवान मोहता नथमल के लिए बनवाई गई (19वीं सदी)।
- इसे दो शिल्पी भाइयों हाथी व लालू ने बनाया — एक ने दायां और दूसरे ने बायां भाग; इसलिए दोनों भाग देखने में एक जैसे होते हुए भी उनमें बारीक अंतर है।
- प्रवेश द्वार पर पीले पत्थर से बने दो हाथी स्वागत करते हैं।
शेखावाटी की हवेलियां — "ओपन एयर आर्ट गैलरी"
झुंझुनूं, सीकर व चूरू जिलों का शेखावाटी क्षेत्र अपनी चित्रित हवेलियों के कारण "राजस्थान की ओपन एयर आर्ट गैलरी" कहलाता है। 18वीं-19वीं सदी में यहां के मारवाड़ी व्यापारियों (पोद्दार, गोयनका, सिंघानिया, मोरारका आदि) ने व्यापार से अर्जित धन से भव्य हवेलियां बनवाईं।
🎨 नवलगढ़ (झुंझुनूं)
पोद्दार हवेली (अब संग्रहालय), मोरारका हवेली, आठ हवेलियां। भित्ति चित्रों का सबसे बड़ा केंद्र।
🏰 मंडावा (झुंझुनूं)
गोयनका, लाडिया व चोखानी हवेलियां; मंडावा का किला अब हेरिटेज होटल। कई फिल्मों की शूटिंग यहां हुई।
🖌️ फतेहपुर (सीकर)
नंदलाल देवड़ा हवेली; फ्रांसीसी कलाकार नादिन ले प्रिंस ने यहां की एक हवेली को खरीदकर सांस्कृतिक केंद्र बनाया।
💰 रामगढ़ शेखावाटी (सीकर)
पोद्दारों की हवेलियां व छतरियां। कहावत — "सेठों का रामगढ़"।
✨ महनसर (झुंझुनूं)
सोने-चांदी की हवेली — दीवारों और छत पर सोने के पानी से चित्रकारी।
🪟 चूरू
सुराणा हवेली — 1100 से अधिक खिड़कियों-दरवाज़ों के कारण प्रसिद्ध; कन्हैयालाल बागला की हवेली (ढोला-मारू के चित्र); मालजी का कमरा।
🏡 झुंझुनूं
टीबड़ेवाला की हवेली, ईसरदास मोदी की हवेली (सैकड़ों खिड़कियां) व खेतड़ी महल।
अन्य प्रमुख हवेलियां
| हवेली | स्थान | विशेषता |
|---|---|---|
| बागोर की हवेली | उदयपुर (पिछोला झील तट) | मेवाड़ के प्रधानमंत्री अमरचंद बड़वा ने बनवाई; अब पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र का संग्रहालय, "धरोहर" लोक नृत्य कार्यक्रम |
| रामपुरिया हवेलियां | बीकानेर | लाल बलुआ पत्थर पर नक्काशी |
| बच्छावतों की हवेली | बीकानेर | मंत्री कर्मचंद बच्छावत से संबंधित |
| सुनहरी कोठी | टोंक | नवाब इब्राहिम अली खां; सोने की मीनाकारी व कांच का काम |
| पुंडरीक जी की हवेली | जयपुर | रत्नाकर पुंडरीक; भित्ति चित्र |
⚠️ परीक्षा में भ्रम वाले तथ्य: (1) पटवों की हवेली — 5 हवेलियों का समूह (जैसलमेर), निर्माता गुमानचंद पटवा। (2) “जहाज महल” — सालिमसिंह की हवेली; हाथी-लालू — नथमल की हवेली। (3) “ओपन एयर आर्ट गैलरी” — शेखावाटी (झुंझुनूं, सीकर, चूरू)।
वन-लाइनर तथ्य (Quick Revision)
- पांच हवेलियों का समूह — पटवों की हवेली (जैसलमेर); निर्माता गुमानचंद पटवा (1805 से)।
- "जहाज महल" / "मोती महल" — सालिम सिंह की हवेली (जैसलमेर)।
- दो शिल्पी भाइयों हाथी व लालू द्वारा निर्मित — नथमल की हवेली।
- "ओपन एयर आर्ट गैलरी" — शेखावाटी (झुंझुनूं, सीकर, चूरू)।
- भित्ति चित्रों का सबसे बड़ा केंद्र — नवलगढ़ (झुंझुनूं); पोद्दार हवेली संग्रहालय।
- सोने-चांदी की हवेली — महनसर (झुंझुनूं)।
- "सेठों का रामगढ़" — रामगढ़ शेखावाटी (सीकर)।
- बागोर की हवेली — उदयपुर; निर्माता अमरचंद बड़वा; "धरोहर" कार्यक्रम।
- सुनहरी कोठी — टोंक; रामपुरिया व बच्छावतों की हवेली — बीकानेर।
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
विकल्प चुनें — सही उत्तर तुरंत दिखेगा।
1 पटवों की हवेली किस शहर में स्थित है?
2 पटवों की हवेलियों का निर्माण किसने करवाया?
3 "जहाज महल" किस हवेली को कहा जाता है?
4 नथमल की हवेली किन दो शिल्पी भाइयों ने बनाई?
5 "ओपन एयर आर्ट गैलरी" किस क्षेत्र को कहा जाता है?
6 पोद्दार हवेली संग्रहालय कहां है?
7 सोने-चांदी की हवेली कहां है?
8 बागोर की हवेली का निर्माण किसने करवाया?
9 सुनहरी कोठी किस शहर में है?
10 बच्छावतों की हवेली किस शहर में है?