राजस्थान में पर्यटन

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अपने भव्य दुर्गों, महलों, हवेलियों, मरुस्थल, झीलों और रंग-बिरंगी लोक संस्कृति के कारण राजस्थान देश-विदेश के पर्यटकों का प्रिय गंतव्य है। राज्य का पर्यटन नारा है — "पधारो म्हारे देस"। पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था और रोज़गार का बड़ा स्रोत है।

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1989
पर्यटन को उद्योग का दर्जा
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RTDC
1 अप्रैल 1979
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4
UNESCO विश्व धरोहर
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पधारो म्हारे देस
पर्यटन नारा
📑 विषय सूची 7 टॉपिक

पर्यटन विकास — प्रमुख तथ्य

UNESCO विश्व धरोहर स्थल

धरोहरवर्षविशेष
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर)1985प्राकृतिक धरोहर; राज्य का प्रथम विश्व धरोहर स्थल
जंतर मंतर (जयपुर)2010सवाई जयसिंह द्वितीय की खगोलीय वेधशाला; सम्राट यंत्र
राजस्थान के पहाड़ी दुर्ग2013चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर, गागरोन, आमेर, जैसलमेर — 6 दुर्ग (नोम पेन्ह बैठक)
जयपुर शहर (परकोटा)2019बाकू (अज़रबैजान) बैठक में; योजनाबद्ध नगर — वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य

पर्यटन सर्किट

सर्किटप्रमुख स्थान
स्वर्णिम त्रिकोणदिल्ली-आगरा-जयपुर
मरु त्रिकोण (डेज़र्ट सर्किट)जोधपुर-जैसलमेर-बीकानेर
मेवाड़ सर्किटउदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, नाथद्वारा, कुंभलगढ़
ढूंढाड़ सर्किटजयपुर, आमेर, दौसा, आभानेरी
शेखावाटी सर्किटसीकर, झुंझुनूं, चूरू — चित्रित हवेलियां
हाड़ौती सर्किटकोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़
वागड़ सर्किटडूंगरपुर, बांसवाड़ा
मेरवाड़ा सर्किटअजमेर, पुष्कर, नागौर
ब्रज-मेवात सर्किटअलवर, भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली
गोड़वाड़ सर्किटपाली, जालोर, सिरोही, माउंट आबू, रणकपुर

शहरों के उपनाम

🩷 जयपुर

गुलाबी नगरी (पिंक सिटी) — 1876 में प्रिंस ऑफ वेल्स के स्वागत में गुलाबी रंग।

💙 जोधपुर

नीली नगरी (ब्लू सिटी), सूर्य नगरी।

🏞️ उदयपुर

झीलों की नगरी, "पूर्व का वेनिस"।

💛 जैसलमेर

स्वर्ण नगरी (गोल्डन सिटी)।

🪜 बूंदी

बावड़ियों का शहर (सिटी ऑफ स्टेपवेल्स)।

🏔️ माउंट आबू

राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन।

प्रमुख पर्यटन उत्सव

उत्सवस्थानसमय
मरु महोत्सवजैसलमेरमाघ पूर्णिमा (जनवरी-फरवरी)
ऊंट उत्सवबीकानेरजनवरी
पतंग उत्सवजयपुरमकर संक्रांति
हाथी उत्सवजयपुरहोली
मेवाड़ उत्सवउदयपुरगणगौर
मारवाड़ उत्सवजोधपुरशरद पूर्णिमा (आश्विन)
ग्रीष्म व शरद उत्सवमाउंट आबूमई-जून / दिसंबर
बूंदी उत्सवबूंदीकार्तिक
कुंभलगढ़ उत्सवकुंभलगढ़ (राजसमंद)दिसंबर
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवलजयपुरजनवरी (2006 से)

🚂 शाही पर्यटक रेलगाड़ियां — पैलेस ऑन व्हील्स (1982) व रॉयल राजस्थान ऑन व्हील्स (2009)। विस्तार से परिवहन पेज पर।

⚠️ परीक्षा में भ्रम वाले तथ्य: (1) पर्यटन को उद्योग का दर्जा — 1989 (देश का प्रथम राज्य)। (2) UNESCO — केवलादेव 1985, जंतर मंतर 2010, पहाड़ी दुर्ग 2013, जयपुर 2019। (3) “पूर्व का वेनिस” — उदयपुर; मेहरानगढ़ UNESCO के पहाड़ी दुर्गों में शामिल नहीं।

वन-लाइनर तथ्य (Quick Revision)

  1. पर्यटन नारा — "पधारो म्हारे देस"।
  2. RTDC — 1 अप्रैल 1979।
  3. पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने वाला प्रथम राज्य — राजस्थान (1989)।
  4. पेइंग गेस्ट योजना — 1991; पर्यटन व्यवसाय अधिनियम — 2010; पर्यटन नीति — 2020।
  5. प्रथम विश्व धरोहर — केवलादेव (1985); जंतर मंतर — 2010।
  6. पहाड़ी दुर्ग (6) — 2013; जयपुर शहर — 2019।
  7. मरु त्रिकोण — जोधपुर-जैसलमेर-बीकानेर; स्वर्णिम त्रिकोण — दिल्ली-आगरा-जयपुर।
  8. "पूर्व का वेनिस" — उदयपुर; बावड़ियों का शहर — बूंदी।
  9. मरु महोत्सव — जैसलमेर (माघ पूर्णिमा); ऊंट उत्सव — बीकानेर।
  10. मारवाड़ उत्सव — जोधपुर (शरद पूर्णिमा); हाथी उत्सव — जयपुर (होली)।

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

विकल्प चुनें — सही उत्तर तुरंत दिखेगा।

1 राजस्थान पर्यटन का नारा क्या है?

2 राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) की स्थापना कब हुई?

3 पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने वाला देश का प्रथम राज्य कौन-सा है?

4 राजस्थान में पेइंग गेस्ट योजना कब शुरू हुई?

5 राजस्थान का प्रथम UNESCO विश्व धरोहर स्थल कौन-सा है?

6 राजस्थान के पहाड़ी दुर्गों को UNESCO सूची में कब शामिल किया गया?

7 निम्न में से कौन-सा दुर्ग UNESCO के "राजस्थान के पहाड़ी दुर्ग" में शामिल नहीं है?

8 जयपुर शहर को विश्व धरोहर का दर्जा कब मिला?

9 "पूर्व का वेनिस" किस शहर को कहा जाता है?

10 मरु महोत्सव कहां आयोजित होता है?

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