राजस्थान के प्रमुख मेले

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राजस्थान के मेले धार्मिक आस्था के साथ-साथ व्यापार, पशुपालन और सामाजिक मेल-जोल के बड़े केंद्र हैं। पुष्कर का ऊंट मेला विश्व प्रसिद्ध है, जबकि बेणेश्वर को "आदिवासियों का कुंभ" कहा जाता है। पर्यटन विभाग भी अनेक उत्सव आयोजित करता है।

🐪
पुष्कर
कार्तिक पूर्णिमा, ऊंट मेला
🏹
बेणेश्वर
आदिवासियों का कुंभ
🐂
परबतसर
तेजाजी पशु मेला
🏜️
मरु महोत्सव
जैसलमेर
📑 विषय सूची 9 टॉपिक

प्रमुख धार्मिक मेले

🪷 पुष्कर मेला (अजमेर)

कार्तिक पूर्णिमा; ब्रह्मा मंदिर व पुष्कर सरोवर। राज्य का सबसे बड़ा ऊंट मेला व अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मेला; गिर नस्ल के गोवंश के लिए भी प्रसिद्ध। पुष्कर को "तीर्थराज" कहा जाता है।

🕉️ कोलायत मेला (बीकानेर)

कार्तिक पूर्णिमा; कपिल मुनि की तपोस्थली। झील पर दीपदान; "जांगल प्रदेश का सबसे बड़ा मेला"।

🚩 रामदेवरा (जैसलमेर)

भाद्रपद शुक्ल द्वितीया से एकादशी; सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक; तेरहताली नृत्य।

🌊 चंद्रभागा (झालावाड़)

झालरापाटन में कार्तिक पूर्णिमा; चंद्रभागा नदी में स्नान; मालवी नस्ल का पशु मेला।

🕍 महावीर जी (करौली)

चैत्र शुक्ल त्रयोदशी (महावीर जयंती); जैन तीर्थ; रथयात्रा में गुर्जर व मीणा भी भाग लेते हैं।

🙏 ऋषभदेव (उदयपुर)

धुलेव गांव; केसरियानाथ जी — प्रतिमा पर केसर चढ़ाई जाती है। आदिवासी इन्हें "कालाजी" कहते हैं; चैत्र कृष्ण अष्टमी को मेला।

🌺 कैला देवी (करौली)

चैत्र मास; लक्खी मेला; लांगुरिया गीत।

🐀 करणी माता (देशनोक)

चैत्र व आश्विन नवरात्र।

🕌 उर्स (अजमेर)

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर रजब माह की 1 से 6 तारीख; सबसे बड़ा मुस्लिम मेला।

🐍 गोगामेड़ी (हनुमानगढ़)

भाद्रपद कृष्ण नवमी के आसपास एक माह तक; हरियाणवी नस्ल का पशु मेला।

लोकदेवताओं व लोकदेवियों के मेले

मेलास्थानसमय
रामदेवजीरामदेवरा (जैसलमेर)भाद्रपद शुक्ल 2 से 11 ("बाबे री बीज")
गोगाजीगोगामेड़ी (हनुमानगढ़)भाद्रपद कृष्ण नवमी (गोगा नवमी)
तेजाजीपरबतसर (डीडवाना-कुचामन), खरनाल (नागौर)भाद्रपद शुक्ल दशमी (तेजा दशमी)
पाबूजीकोलू (फलोदी)चैत्र अमावस्या
देवनारायणजीआसींद (भीलवाड़ा), देवमाली (ब्यावर)भाद्रपद शुक्ल सप्तमी
मल्लीनाथजीतिलवाड़ा (बालोतरा)चैत्र कृष्ण एकादशी से 15 दिन — पशु मेला भी
करणी मातादेशनोक (बीकानेर)चैत्र व आश्विन नवरात्र
जीण मातारैवासा (सीकर)चैत्र व आश्विन नवरात्र
कैला देवीकरौलीचैत्र नवरात्र — "लक्खी मेला"; लांगुरिया गीत
शीतला माताचाकसू (जयपुर)चैत्र कृष्ण अष्टमी

संतों व संप्रदायों के मेले

🌸 फूलडोल मेला

शाहपुरा (भीलवाड़ा) — रामस्नेही संप्रदाय; चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से पंचमी तक।

🌳 मुकाम मेला

मुकाम (बीकानेर) — विश्नोई संप्रदाय; फाल्गुन व आश्विन अमावस्या को।

📿 दादू मेला

नरैना (जयपुर) — दादू पंथ की मुख्य पीठ पर फाल्गुन में।

🔥 जसनाथी मेला

कतरियासर (बीकानेर) — अग्नि नृत्य; आश्विन, माघ व चैत्र में।

🕌 तारकीन का उर्स

नागौर — हमीदुद्दीन नागौरी की दरगाह पर।

☪️ गलियाकोट उर्स

डूंगरपुर — दाऊदी बोहरा समाज का पीर फखरुद्दीन की दरगाह पर उर्स।

आदिवासी मेले

मेलास्थानतिथिविशेषता
बेणेश्वर मेलानवाटापरा (डूंगरपुर) — माही, सोम, जाखम संगममाघ पूर्णिमा"आदिवासियों का कुंभ"; संत मावजी
गौतमेश्वर मेलाअरनोद (प्रतापगढ़)वैशाख पूर्णिमामीणा जनजाति; "आदिवासियों का हरिद्वार"
सीताबाड़ी मेलाकेलवाड़ा (बारां)ज्येष्ठ अमावस्या"सहरिया जनजाति का कुंभ"
घोटिया अंबा मेलाबांसवाड़ाचैत्र अमावस्याभील जनजाति; पांडवों से संबंधित मान्यता
मानगढ़ धाम मेलामानगढ़ पहाड़ी (बांसवाड़ा)—गोविंद गुरु; 1913 का आदिवासी बलिदान

राज्य स्तरीय पशु मेले

पशुपालन विभाग द्वारा राज्य में 10 राज्य स्तरीय पशु मेले आयोजित किए जाते हैं।

पशु मेलास्थान (जिला)समयप्रमुख नस्ल
वीर तेजाजी पशु मेलापरबतसर (डीडवाना-कुचामन)श्रावण पूर्णिमा – भाद्रपद अमावस्यानागौरी
बलदेव पशु मेलामेड़ता सिटी (नागौर)चैत्रनागौरी
रामदेव पशु मेलामानासर (नागौर)माघनागौरी
मल्लीनाथ पशु मेलातिलवाड़ा (बालोतरा)चैत्रथारपारकर, कांकरेज
गोगामेड़ी पशु मेलागोगामेड़ी (हनुमानगढ़)श्रावण-भाद्रपदहरियाणवी
जसवंत पशु मेलाभरतपुरआश्विनहरियाणवी
शिवरात्रि पशु मेलाकरौलीफाल्गुनहरियाणवी
चंद्रभागा पशु मेलाझालरापाटन (झालावाड़)कार्तिकमालवी
गोमती सागर पशु मेलाझालरापाटन (झालावाड़)वैशाखमालवी
पुष्कर पशु मेलापुष्कर (अजमेर)कार्तिकगिर, ऊंट
💡 ट्रिक: नागौर जिले से जुड़े 3 मेले (तेजाजी, बलदेव, रामदेव) — तीनों में नागौरी नस्ल; झालावाड़ के 2 मेले — मालवी; बाकी पूर्वी व उत्तरी मेले — हरियाणवी।

पर्यटन उत्सव

ऊंट उत्सवबीकानेर (जनवरी)
मरु महोत्सवजैसलमेर (माघ पूर्णिमा)
मारवाड़ उत्सवजोधपुर (शरद पूर्णिमा)
हाथी उत्सवजयपुर (होली)
ब्रज महोत्सवभरतपुर (फाल्गुन)
मेवाड़ उत्सवउदयपुर (गणगौर)
शेखावाटी उत्सवझुंझुनूं-सीकर-चूरू (फरवरी)
थार महोत्सवबाड़मेर
बूंदी उत्सवबूंदी (कार्तिक)
कुंभलगढ़ उत्सवराजसमंद (दिसंबर)

मेलों का महत्व

⚠️ परीक्षा में भ्रम वाले तथ्य: (1) "आदिवासियों का कुंभ" — बेणेश्वर; "सहरियों का कुंभ" — सीताबाड़ी; "आदिवासियों का हरिद्वार" — गौतमेश्वर (अरनोद)। (2) पुष्कर, कोलायत व चंद्रभागा — तीनों कार्तिक पूर्णिमा पर। (3) तेजाजी मेला परबतसर — वर्तमान में डीडवाना-कुचामन जिले में। (4) फूलडोल — शाहपुरा (रामस्नेही); मुकाम — विश्नोई।

वन-लाइनर तथ्य (Quick Revision)

  1. पुष्कर मेला — कार्तिक पूर्णिमा; राज्य का सबसे बड़ा ऊंट मेला।
  2. "जांगल प्रदेश का सबसे बड़ा मेला" — कोलायत (कपिल मुनि)।
  3. रामदेवरा मेला — भाद्रपद शुक्ल द्वितीया से एकादशी।
  4. "आदिवासियों का कुंभ" — बेणेश्वर (माघ पूर्णिमा)।
  5. "सहरियों का कुंभ" — सीताबाड़ी (बारां)।
  6. "आदिवासियों का हरिद्वार" — गौतमेश्वर (प्रतापगढ़)।
  7. ऋषभदेव (केसरियानाथ) को आदिवासी कहते हैं — कालाजी।
  8. मालवी नस्ल के मेले — चंद्रभागा व गोमती सागर (झालावाड़); थारपारकर-कांकरेज — तिलवाड़ा।
  9. राष्ट्रीय दशहरा मेला — कोटा; मरु महोत्सव — जैसलमेर; मारवाड़ उत्सव — जोधपुर।
  10. पाबूजी का मेला — कोलू (फलोदी), चैत्र अमावस्या।
  11. देवनारायणजी का मेला — आसींद (भीलवाड़ा); मल्लीनाथजी — तिलवाड़ा।
  12. जीण माता — रैवासा (सीकर); करणी माता — देशनोक।
  13. फूलडोल मेला — शाहपुरा (रामस्नेही); मुकाम मेला — विश्नोई।
  14. तारकीन का उर्स — नागौर; दाऊदी बोहरा उर्स — गलियाकोट।
  15. "जांगल प्रदेश का सबसे बड़ा मेला" — कोलायत।

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

विकल्प चुनें — सही उत्तर तुरंत दिखेगा।

1 पुष्कर मेला किस तिथि को भरता है?

2 कोलायत मेला किस मुनि से संबंधित है?

3 "आदिवासियों का कुंभ" किस मेले को कहा जाता है?

4 सीताबाड़ी मेला किस जनजाति से संबंधित है?

5 "आदिवासियों का हरिद्वार" किसे कहा जाता है?

6 आदिवासी ऋषभदेव को किस नाम से पुकारते हैं?

7 तिलवाड़ा पशु मेला किन नस्लों के लिए प्रसिद्ध है?

8 चंद्रभागा पशु मेला किस जिले में लगता है?

9 राष्ट्रीय दशहरा मेला कहां आयोजित होता है?

10 मरु महोत्सव कहां आयोजित होता है?

11 पाबूजी का मेला कहां भरता है?

12 फूलडोल मेला किस संप्रदाय से संबंधित है?

13 मुकाम मेला किस संप्रदाय का है?

14 जीण माता का मेला किस जिले में भरता है?

15 देवनारायणजी का प्रमुख मेला कहां भरता है?

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