राजस्थान राज्य महिला आयोग
राजस्थान राज्य महिला आयोग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, उनके विरुद्ध अत्याचार की शिकायतों की सुनवाई और महिला कल्याण संबंधी नीतियों पर सरकार को सलाह देने वाली वैधानिक संस्था है। इसका गठन राजस्थान राज्य महिला आयोग अधिनियम, 1999 के अंतर्गत 15 मई 1999 को हुआ।
📑 विषय सूची 8 टॉपिक
गठन व कार्यकाल
| विषय | प्रावधान |
|---|---|
| संरचना | एक अध्यक्ष, तीन सदस्य व एक सदस्य सचिव |
| आरक्षण | सदस्यों में कम से कम एक अनुसूचित जाति/जनजाति की महिला |
| नियुक्ति | राज्य सरकार द्वारा |
| कार्यकाल | 3 वर्ष |
| सदस्य सचिव | राज्य सरकार का अधिकारी (प्रशासनिक कार्य हेतु) |
| मुख्यालय | जयपुर |
| प्रथम अध्यक्ष | कांता खतूरिया |
📝 राष्ट्रीय महिला आयोग का गठन 31 जनवरी 1992 को राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 के अंतर्गत हुआ था। राज्य महिला आयोग भी वैधानिक है, संवैधानिक नहीं।
पृष्ठभूमि
- महिलाओं के संवैधानिक व कानूनी अधिकारों की रक्षा हेतु केंद्र में राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 के तहत 31 जनवरी 1992 को राष्ट्रीय महिला आयोग बना।
- इसी तर्ज़ पर राजस्थान विधानसभा ने राजस्थान राज्य महिला आयोग अधिनियम, 1999 पारित किया और 15 मई 1999 को आयोग का गठन हुआ।
- राजस्थान में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महिला विकास कार्यक्रम (1984) पहले से चल रहा था, जिसमें गांव स्तर पर "साथिन" कार्यकर्ता नियुक्त की गईं — भंवरी देवी भी साथिन थीं, जिनके मामले से विशाखा दिशानिर्देश (1997) बने।
आयोग के कार्य व शक्तियां
📩 शिकायत सुनवाई
महिलाओं के विरुद्ध अत्याचार, उत्पीड़न, दहेज व भेदभाव की शिकायतों की जांच।
🔍 स्वतः संज्ञान
गंभीर मामलों में स्वयं संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगना।
🏢 निरीक्षण
जेल, नारी निकेतन, महिला सुधार गृह आदि का निरीक्षण।
📝 सलाह
महिलाओं से संबंधित कानूनों व नीतियों में सुधार हेतु सरकार को सिफारिश।
⚖️ सिविल न्यायालय की शक्तियां
जांच के दौरान गवाहों को बुलाना व दस्तावेज़ मंगाना।
📄 प्रतिवेदन
वार्षिक प्रतिवेदन राज्य सरकार को; विधानसभा के समक्ष रखा जाता है।
शिकायत की प्रक्रिया
| चरण | विवरण |
|---|---|
| शिकायत दर्ज करना | पीड़ित महिला या उसकी ओर से कोई भी व्यक्ति लिखित, डाक या ऑनलाइन माध्यम से शिकायत कर सकता है; कोई शुल्क नहीं |
| सुनवाई | आयोग दोनों पक्षों को बुलाकर सुनवाई करता है; आवश्यकता होने पर पुलिस या संबंधित विभाग से रिपोर्ट मांगता है |
| परामर्श | पारिवारिक विवादों में परामर्श (काउंसलिंग) द्वारा समझौते का प्रयास |
| सिफारिश | दोषी के विरुद्ध कार्रवाई, पीड़िता को सहायता या मुआवज़े की सिफारिश सरकार को |
📝 आयोग की सिफारिशें सलाहकारी हैं; यह स्वयं दंड नहीं दे सकता, पर पुलिस व प्रशासन से कार्रवाई करवाने में प्रभावी भूमिका निभाता है। जो मामला न्यायालय में विचाराधीन है, उस पर आयोग सामान्यतः हस्तक्षेप नहीं करता।
राज्य महिला नीति व संबंधित संस्थाएं
- राजस्थान की प्रथम राज्य महिला नीति — 8 मार्च 2000 (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस)।
- राजस्थान राज्य महिला नीति, 2021 — महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य व आर्थिक सशक्तिकरण पर बल।
- राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग — बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 के अंतर्गत 2010 में गठित।
- महिला एवं बाल विकास विभाग राज्य में महिला कल्याण योजनाओं का संचालन करता है।
- महिला अधिकारिता निदेशालय — महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों व महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्रों का संचालन।
- बालिकाओं के लिए लाडो प्रोत्साहन योजना (बालिका के जन्म से शिक्षा पूर्ण होने तक चरणबद्ध आर्थिक सहायता) व मेधावी छात्राओं हेतु कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना।
महिलाओं से संबंधित प्रमुख कानून
| कानून | वर्ष |
|---|---|
| दहेज प्रतिषेध अधिनियम | 1961 |
| राजस्थान सती (निवारण) अधिनियम | 1987 (देवराला सती कांड, सीकर के बाद) |
| घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम | 2005 |
| बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम | 2006 |
| कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम) अधिनियम | 2013 (विशाखा दिशानिर्देश, 1997 — राजस्थान की भंवरी देवी प्रकरण से) |
| राजस्थान डायन-प्रताड़ना निवारण अधिनियम | 2015 |
⚠️ परीक्षा में भ्रम वाले तथ्य: (1) राष्ट्रीय महिला आयोग — 1992; राजस्थान राज्य महिला आयोग — 1999। (2) राज्य महिला आयोग वैधानिक है, संवैधानिक नहीं। (3) प्रथम महिला नीति — 2000, नई नीति — 2021। (4) विशाखा दिशानिर्देश — भंवरी देवी (साथिन); सती निवारण अधिनियम — रूप कंवर (देवराला) प्रकरण के बाद।
वन-लाइनर तथ्य (Quick Revision)
- राजस्थान राज्य महिला आयोग अधिनियम — 1999; गठन — 15 मई 1999।
- संरचना — अध्यक्ष + 3 सदस्य + सदस्य सचिव; कार्यकाल — 3 वर्ष।
- प्रथम अध्यक्ष — कांता खतूरिया।
- राष्ट्रीय महिला आयोग — 31 जनवरी 1992।
- प्रथम राज्य महिला नीति — 8 मार्च 2000; नई नीति — 2021।
- राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग — 2010।
- राजस्थान सती निवारण अधिनियम — 1987; डायन-प्रताड़ना निवारण अधिनियम — 2015।
- विशाखा दिशानिर्देश — 1997 (भंवरी देवी प्रकरण)।
- महिला विकास कार्यक्रम — 1984; ग्राम स्तरीय कार्यकर्ता — साथिन।
- राजस्थान सती निवारण अधिनियम — रूप कंवर, देवराला (सीकर), 1987 के बाद।
- घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम — 2005; बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम — 2006।
- आयोग की सिफारिशें — सलाहकारी; शिकायत — निःशुल्क।
- मेधावी छात्राओं हेतु स्कूटी योजना — कालीबाई भील के नाम पर।
- बालिकाओं हेतु चरणबद्ध सहायता — लाडो प्रोत्साहन योजना।
- राज्य महिला आयोग का मुख्यालय — जयपुर।
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
विकल्प चुनें — सही उत्तर तुरंत दिखेगा।
1 राजस्थान राज्य महिला आयोग का गठन कब हुआ?
2 राजस्थान राज्य महिला आयोग की प्रथम अध्यक्ष कौन थीं?
3 राज्य महिला आयोग में अध्यक्ष के अलावा कितने सदस्य होते हैं?
4 राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष का कार्यकाल कितना है?
5 राजस्थान की प्रथम राज्य महिला नीति कब जारी हुई?
6 राष्ट्रीय महिला आयोग का गठन कब हुआ?
7 राजस्थान सती (निवारण) अधिनियम कब बना?
8 राजस्थान डायन-प्रताड़ना निवारण अधिनियम कब पारित हुआ?
9 कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संबंधित विशाखा दिशानिर्देश किस प्रकरण से जुड़े हैं?
10 राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग का गठन कब हुआ?
11 राजस्थान में महिला विकास कार्यक्रम कब शुरू हुआ?
12 महिला विकास कार्यक्रम में ग्राम स्तरीय कार्यकर्ता क्या कहलाती थीं?
13 राजस्थान सती (निवारण) अधिनियम किस प्रकरण के बाद बना?
14 घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम कब बना?
15 राज्य महिला आयोग किस प्रकार की संस्था है?