राजस्थान की प्रमुख बोलियां
कहावत है — "कोस-कोस पर बदले पानी, चार कोस पर वाणी"। राजस्थानी भाषा की अनेक बोलियां हैं, जिनमें मारवाड़ी का क्षेत्र सबसे बड़ा है। जॉर्ज ग्रियर्सन ने इन बोलियों का पहला वैज्ञानिक वर्गीकरण किया।
📑 विषय सूची 7 टॉपिक
ग्रियर्सन का वर्गीकरण
| वर्ग | बोलियां |
|---|---|
| पश्चिमी राजस्थानी | मारवाड़ी, मेवाड़ी, बागड़ी, बीकानेरी, शेखावाटी, ढटकी, थली, खैराड़ी, गोडवाड़ी, देवड़ावाटी |
| मध्य-पूर्वी राजस्थानी | ढूंढाड़ी, हाड़ौती, तोरावाटी, अजमेरी, किशनगढ़ी, चौरासी, नागरचोल, राजावाटी |
| उत्तर-पूर्वी राजस्थानी | मेवाती, अहीरवाटी |
| दक्षिण-पूर्वी राजस्थानी | मालवी, रांगड़ी, सोंधवाड़ी |
| दक्षिणी राजस्थानी | निमाड़ी (मध्य प्रदेश) |
प्रमुख बोलियां
मारवाड़ी
पश्चिमी राजस्थानी · सर्वाधिक क्षेत्र व लोगों द्वारा बोली जाने वाली
- क्षेत्र — जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, नागौर, पाली, जालोर, फलोदी, सिरोही आदि।
- इसका साहित्यिक रूप "डिंगल" कहलाता है; राजस्थानी साहित्य का अधिकांश भाग इसी में रचा गया।
- उपबोलियां — थली (बीकानेर-चूरू), बीकानेरी, शेखावाटी (सीकर-झुंझुनूं-चूरू), गोडवाड़ी (पाली-सिरोही-जालोर), देवड़ावाटी (सिरोही), ढटकी (बाड़मेर-थारपारकर), खैराड़ी (शाहपुरा-बूंदी)।
- मीराबाई के अनेक पद और "ढोला-मारू रा दूहा" मारवाड़ी में हैं।
ढूंढाड़ी
मध्य-पूर्वी राजस्थानी · "जयपुरी"
- क्षेत्र — जयपुर, दौसा, टोंक, अजमेर का पूर्वी भाग; इसे जयपुरी भी कहते हैं।
- दादू पंथ का अधिकांश साहित्य ढूंढाड़ी में रचा गया।
- उपबोलियां — तोरावाटी (कांतली नदी क्षेत्र — सीकर-झुंझुनूं का पूर्वी भाग, जयपुर का उत्तरी भाग), राजावाटी, काठैड़ी, चौरासी (जयपुर-टोंक), नागरचोल (सवाई माधोपुर-टोंक), किशनगढ़ी, अजमेरी।
🏞️ मेवाड़ी
क्षेत्र — उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, सलूंबर। महाराणा कुंभा के कुछ नाटक मेवाड़ी में रचे गए। मारवाड़ी के बाद दूसरी प्रमुख पश्चिमी बोली।
🌿 वागड़ी
क्षेत्र — डूंगरपुर, बांसवाड़ा (वागड़ क्षेत्र)। गुजराती का प्रभाव; ग्रियर्सन ने इसे "भीली" बोली भी कहा। भील जनजाति में प्रचलित।
🐅 हाड़ौती
क्षेत्र — कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़। बोली के रूप में "हाड़ौती" का सर्वप्रथम प्रयोग केलॉग ने "हिंदी ग्रामर" (1875) में किया। सूर्यमल्ल मिश्रण की रचनाएं इसी में।
🕌 मेवाती
क्षेत्र — अलवर, भरतपुर, डीग, खैरथल-तिजारा (मेवात)। लालदास व चरणदास तथा शिष्याओं सहजोबाई-दयाबाई का साहित्य मेवाती में।
🐄 अहीरवाटी (राठी)
क्षेत्र — कोटपूतली-बहरोड़, मुंडावर, अलवर का उत्तरी भाग (अहीरों का क्षेत्र — "राठ")। जोधराज का "हम्मीर रासो" इसी बोली में।
🌾 मालवी
क्षेत्र — झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़ (मालवा से लगे क्षेत्र)। कोमल व मधुर बोली। रांगड़ी — मालवी व मारवाड़ी का मिश्रित रूप, राजपूतों में प्रचलित।
🪷 ब्रज
क्षेत्र — भरतपुर, धौलपुर, करौली का पूर्वी भाग; उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र से लगा हुआ।
एक नज़र में — बोलियां व क्षेत्र
| बोली | प्रमुख क्षेत्र (जिले) |
|---|---|
| मारवाड़ी | जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, नागौर, पाली, फलोदी |
| मेवाड़ी | उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, सलूंबर |
| वागड़ी | डूंगरपुर, बांसवाड़ा |
| ढूंढाड़ी | जयपुर, दौसा, टोंक |
| हाड़ौती | कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ |
| मेवाती | अलवर, भरतपुर, डीग, खैरथल-तिजारा |
| अहीरवाटी | कोटपूतली-बहरोड़, अलवर (उत्तरी) |
| मालवी | झालावाड़, प्रतापगढ़ |
| शेखावाटी | सीकर, झुंझुनूं, चूरू |
| गोडवाड़ी | पाली, सिरोही, जालोर |
⚠️ परीक्षा में भ्रम वाले तथ्य: (1) तोरावाटी — ढूंढाड़ी की उपबोली; शेखावाटी — मारवाड़ी की उपबोली। (2) मालवी — झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़ (मालवा से सटे क्षेत्र)। (3) रांगड़ी — मालवी व मारवाड़ी का मिश्रण; अहीरवाटी (राठी) — कोटपूतली-बहरोड़ व अलवर क्षेत्र।
वन-लाइनर तथ्य (Quick Revision)
- बोलियों का प्रथम वैज्ञानिक वर्गीकरण — जॉर्ज ग्रियर्सन।
- सर्वाधिक क्षेत्र की बोली — मारवाड़ी।
- दादू पंथ का साहित्य — ढूंढाड़ी; लालदास-चरणदास का — मेवाती।
- तोरावाटी — ढूंढाड़ी की उपबोली।
- "हाड़ौती" शब्द का प्रथम प्रयोग — केलॉग (1875)।
- हम्मीर रासो (जोधराज) — अहीरवाटी।
- वागड़ी — डूंगरपुर-बांसवाड़ा।
- ढूंढाड़ी का दूसरा नाम — जयपुरी।
- मेवात (अलवर-भरतपुर) की बोली — मेवाती।
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
विकल्प चुनें — सही उत्तर तुरंत दिखेगा।
1 राजस्थान में सर्वाधिक क्षेत्र में बोली जाने वाली बोली कौन-सी है?
2 राजस्थानी बोलियों का प्रथम वैज्ञानिक वर्गीकरण किसने किया?
3 दादू पंथ का अधिकांश साहित्य किस बोली में है?
4 लालदास व चरणदास का साहित्य किस बोली में है?
5 वागड़ी बोली किन जिलों में बोली जाती है?
6 तोरावाटी किस बोली की उपबोली है?
7 "हाड़ौती" शब्द का प्रथम प्रयोग किसने किया?
8 "हम्मीर रासो" (जोधराज) किस बोली में है?
9 ढूंढाड़ी बोली मुख्यतः किस क्षेत्र में बोली जाती है?
10 मेवाड़ी बोली का मुख्य क्षेत्र कौन-सा है?